Great Indian Reformer Gallery

Abdul Ghaffar Khan

Abdul Ghaffar Khan

তৈলচিত্র
শিল্পী: ওয়াসিম রিয়াজ কাপুর
कैनवास पर तेल चित्र
कलाकार: वसीम रियाज कपूर
Oil on Canvas
Artist: Wasim Riyaz Kapoor
R7968

আব্দুল গফ্ফর খান (1890-1988)

আব্দুল গফ্ফর  খান ছিলেন ভারতের স্বাধীনতা আন্দোলনের এক বিশিষ্ট ব্যক্তিত্ব। তিনি অহিংস নীতির একজন নিষ্ঠাবান অনুরাগী ছিলেন। তিনি সামাজিক ন্যায়বিচারের পক্ষে ছিলেন এবং ভারতে ব্রিটিশ ঔপনিবেশিক শাসনের বিরুদ্ধে লড়াই করেছিলেন। তিনি খুদাই খিদমতগার (আল্লাহর বান্দা) আন্দোলনের প্রতিষ্ঠা করেন যার লক্ষ্য ছিল অহিংস উপায়ে সামাজিক ও রাজনৈতিক পরিবর্তন আনা। তাঁর প্রধান লক্ষ্য ছিল ভারতের স্বাধীনতা অর্জন এবং পশতুনদের সামাজিক, ধর্মীয়, রাজনৈতিক ও অর্থনৈতিক জীবন সংস্কার করা। অহিংসা ও সাম্প্রদায়িক সম্প্রীতির  প্রতি তাঁর প্রতিশ্রুতি ভারত ও পাকিস্তান উভয়ে দেশেই একটি স্থায়ী ছাপ রেখে গেছে।

আপনি কি জানেন ?

আব্দুল গফ্ফর  খান তার অহিংস নীতির কারণে মহাত্মা গান্ধীর সাথে ঘনিষ্ঠভাবে পরিচিত ছিলেন এবং তিনি ‘সীমান্ত গান্ধী’  নামে পরিচিত ছিলেন।

अब्दुल गफ्फार खान (1890-1988)

खान अब्दुल गफ्फार खान भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के एक शीर्ष व्यक्तित्व थे। वह अहिंसा के पक्के अनुगामी थे। उन्होंने सामाजिक न्याय की वकालत की ओर भारत में ब्रिटिश औपनिवेशिक शासन के खिलाफ लड़ाई लड़ी। उन्होंने खुदाई खिदमतगार (ईश्वर के सेवक) आंदोलन की स्थापना की, जिसका उद्देश्य अहिंसक तरीकों से सामाजिक और राजनीतिक परिवर्तन लाना था। उनका मुख्य लक्ष्य भारतीय स्वतंत्रता प्राप्त करना और पश्तूनों के सामाजिक, धार्मिक, राजनीतिक और आर्थिक जीवन में सुधार करना था। अहिंसा और सांप्रदायिक सद्भाव के प्रति खान की प्रतिबद्धता ने भारत और पाकिस्तान दोनों में अपनी एक स्थायी विरासत छोड़ी।

क्या आप जानते हैं ?

अब्दुल गफ्फार खान को उनके अहिंसात्मक सिद्धांत के कारण गांधी के समकक्ष माना जाता था तथा वह फ्रंटियर गांधी के रूप में “प्रसिद्ध” हैं।

Abdul Ghaffar Khan (1890-1988)

Khan was a towering figure in the Indian independence movement. A devout follower of nonviolence, he advocated for social justice and fought against British colonial rule in India. He founded the Khudai Khidmatgar (Servants of God) movement which aimed to bring about social and political change through nonviolent means. His main goal was to win Indian independence and reform the social, religious, political, and economic life of the Pashtuns. Khan’s commitment to nonviolence and communal harmony left a lasting legacy in both India and Pakistan.

Did you know?

Khan was closely identified with Mahatma Gandhi due to his nonviolence principles, and was popularly known as “Frontier Gandhi” .

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Site Updated On

July 20, 2024