Great Indian Reformer Gallery

Kesab Chandra Sen

Kesab Chandra Sen

তৈলচিত্র
শিল্পী: মুইর হোয়াইট
कैनवास पर तेल चित्र
कलाकार: मुइर व्हाइट
Oil on Canvas
Artist: Muir White
R907-C184

কেশব চন্দ্র সেন (1838-1884)

কেশব চন্দ্র সেন, উনবিংশ  শতকের ভারতের একজন বিশিষ্ট ব্যক্তিত্ব। তিনি তৎকালীন ব্রাহ্ম সমাজের একজন বিশিষ্ট ব্যক্তিত্ব ছিলেন। বিধবা পুনর্বিবাহ, আন্তঃবর্ণ বিবাহ এবং বাল্যবিবাহ বিলুপ্তির মতো সামাজিক সংস্কারের সঙ্গে তাঁর অবদান যুক্ত ছিল। তিনি নারী শিক্ষাকে অনুপ্রাণিত করেন এবং মেয়েদের জন্য বিদ্যালয় প্রতিষ্ঠা করেন। তিনি অবহেলিত, বিশেষ করে “অস্পৃশ্যদের” জন্য একটি অনাথ আশ্রম এবং একটি বিদ্যালয় প্রতিষ্ঠা করেছিলেন। ভারতের ধর্ম, সামাজিক ন্যায়বিচার এবং শিক্ষার ক্ষেত্রে তাঁর অবদান রয়ে গেছে।

আপনি কি জানেন?

১৮৭২ সালের স্থানীয় (ব্রহ্ম) বিবাহ আইন পাশে তাঁর প্রচেষ্টা  উল্লেখযোগ্য ভূমিকা পালন করে, যা আন্তঃবর্ণ ও বিধবা বিবাহকে বৈধ করে।

केशव चंद्र सेन (1838 – 1884)

केशव चंद्र सेन, 19वीं शताब्दी के भारत के एक प्रमुख व्यक्ति एवं वे तत्कालीन ब्रह्म समाज के एक केंद्रीय व्यक्ति थे। विधवा पुनर्विवाह, अंतरजातीय विवाह और बाल विवाह को समाप्त करने जैसे सामाजिक सुधारों में उनका योगदान रहा। उन्होंने महिलाओं की शिक्षा को प्रोत्साहित किया और लड़कियों के लिए स्कूलों की स्थापना की। उन्होंने वंचितों, विशेष रूप से “अछूतों” के लिए एक अनाथालय और एक स्कूल की भी स्थापना की। उनका योगदान भारत के धर्म, सामाजिक न्याय और शिक्षा के क्षेत्रों में बना हुआ है।

क्या आप जानते थे?

उनके प्रयासों ने 1872 के देशी (ब्रह्मा) विवाह अधिनियम में एक भूमिका निभाई, जिसने अंतर-जातीय और विधवा विवाह को वैध बना दिया।

Kesab Chandra Sen (1838 – 1884)

Kesab Chandra Sen, a prominent figure in 19th century India. He was a central figure of the then Brahmo Samaj. His contributions associated with the social reforms like widow remarriage, inter-caste marriage, and abolishing child marriage. He encouraged women’s education and founded schools for girls. He also established an orphanage and a school for the underprivileged, particularly the “untouchables.” His contribution remains in the areas of religion, social justice, and education of India.

Did you know?

His efforts played a role in the Native (Brahma) Marriage Act of 1872, which legalized inter-caste and widow marriages.

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Site Updated On

July 20, 2024